इस दिन मनेगी मकर संक्रांति, इन चीजों का करें दान

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हिन्दू धर्म के अनुसार मकर सक्रांति (Makar Sankranti) एक बहुत बड़ा त्यौहार माना गया है।  यह त्यौहार सूर्य देव को समर्पित होता है।  यह सर्दियों के मौसम का अंत माना जाता है, साथ ही सर्दिओ के मुकाबले, इस त्यौहार के बाद लम्बे दिनों की शुरुआत होने लगती है।  इस दिन लोग सूर्य देवता को प्रसन्न करने ले लिए अर्घ्य देकर उनसे प्रार्थना करते हैं। हिन्दू शास्त्रों के हिसाब से यह दिन दान-पुण्य के लिए बहुत शुभ माना गया है और ऐसा करने से सौ गुना फल प्राप्त होता है।

शास्त्रों की माने तो इस दिन भगवन सूर्येदेव धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं।  इस वर्ष मकर सक्रांति 15 जनवरी को मनाई जायेगी। इस दिन टिल का दान या टिल से बानी किसी भी टिल के तेल से बानी सामग्री ग्रहण करने से कष्टकारी ग्रह से छुटकारा मिलता है। इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। इस दिन दान करने का एक बहुत ही विशेष महत्व होता है।  आईये जानते है किस राशि के व्यक्ति को अपने सुख दुःख और अचे जीवन के लिए किस चीज़ का दान करना चाइये।

मेष

मेष राशि वाले जल में पीले पुष्प, हल्दी, तिल मिलाकर तधा तिल-गुड़ का दान करें।

वृष

वृष राशि वाले जल में सफेद चंदन, दूध, श्वेत पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।

मिथुन

मिथुन राशि वाले जल में तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।

कन्या

कन्या राशि वाले जल में दूध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

कर्क

कर्क राशि वाले जल में दूध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। संकटों से मुक्ति मिलेगी।

तुला

तुला राशि वाले सफेद चंदन, दूध, चावल का दान दें।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि वाले जल में कुमकुम, रक्तपुष्प तथा तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गुड़ का दान दें।

धनु

धनु राशि वाले जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

मकर

मकर राशि वाले जल में काले-नीले पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

कुंभ

कुम्भ राशि वाले जल में नीले-काले पुष्प, काली उड़द, तेल-तिल का दान करें।

मीन

मीन राशि वाले हल्दी, केसर, पीले फूल के साथ तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।

 

अगर आप मकर सक्रांति (Makar Sankranti) की तिधि को लेके भ्रमित हैं तोह आइये आपकी चिंता दूर करते है।  सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी में शाम 7 बजे हो रहा है। नियम के अनुसार शाम में सक्रांति होने पर अगले दिन सक्रांति मनाई जाती है। इस नियम के अनुसार, मकर सक्रांति इस साल 14 को नहीं 15 को मनाई जायेगी।

आयेयी जानते है यह त्यौहार मनाने की विधि और सही समय।  सक्रांति के पुण्यकाल की जहा तक बात करें तो इसके 6 घंटे पहले तधा इसके 6 घंटे बाद तक पुण्यकाल होता है इसलिए 14 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 25 मिनट से ही स्नान दान किया जा सकेगा।

ज्योतिष के अनुसार सोमवार को सक्रांति होने पर उसे ध्वांक्षी संक्रांति कहते हैं. इस सक्रांति में दान का काफी महत्व है, माना जाता है की इस दिन चीज़े दान करने से ज़िन्दगी में सुख और सम्रिधि बानी रहती है। टिल या टिल से बानी किसी चीज़ का दान करेंगे तोह और भी लाभ मिलेगा।  साथ ही इस दिन धार्मिक पुस्तकों का दान भी सुभ मन गया है। रामायण या गीता का दान आप कर सकते है।

आमतौर पर मकर राशि में सूर्य का प्रवेश सुभ माना जाता है , किन्तु इस समय इस राशि में केतु विराजमान है इसलिए मकर राशि में सूर्य का आगमन मिला जुला फल देगा।  सूर्ये के इस आगमन से तुला, मिथुन और कुंभ राशि वालों को कष्ट हो सकता है। ऐसे में किसी अचे ज्योतिष से संपर्क करें और अपनी परेशानी का समाधान निकालें।

आप सभी को मकर सक्रांति की बधाइयां !

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